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वैदिक ज्योतिषकृती सार


आपके जीवन की अनिश्चितताओं को संकुचित करने का एक सार्थक प्रयास !

VEDIC JYOTISHKRTI (ASTROLOGY & VASTU)

ज्योतिष शास्त्र के विषय में वराहमिहिर का कहना है कि पूर्व जन्म में किए गये शुभाशुभ कृत्य उसको यह शास्त्र उसी प्रकार व्यक्त कर देता है जिस प्रकार अंधकार में छिपी वस्तुओं को प्रकाश प्रकाशित कर देता है। ज्योतिष शास्त्र की महत्ता को प्रदर्शित करते हुए कहा गया  कि-ज्योतिःशास्त्रमिदम पुण्यम प्राहुर्नयविदों बुधा:,स्वतः प्रामाण्यमस्यास्ति सत्यं प्रत्यक्षतो यतः॥    हम वैदिक ज्योतिषकृती हैं। ज्योतिष  वेदांगो में अत्यधिक महत्वपूर्ण माना गया है । इसके माध्यम से आपके जीवन की समस्याओं के कारक ग्रहों का पता लगा कर उनके दोषनिवारण हेतु यथोचित उपायों द्वारा आप अपनी समस्याओं पर काफी हद तक अंकुश लगा सकते है । ज्योतिषकृती स्वयं ज्योतिष और कृति का मिलन है।  जहां ज्योतिष, जैसा कि व्यापक रूप से जाना जाता है, आपकी कुंडली में उपस्थित  विभिन्न योगों   के पूर्वानुमानीत  विश्लेषण के माध्यम से आपके भविष्य की संभावित घटनाओं का प्रारूप  बनाने के लिए एक सिद्ध  विज्ञान है। "कृति" का अर्थ है रहस्यवादी चिकित्सा, चिकित्सा विज्ञान की समझ से परे एक चिकित्सा।

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The world doesn’t really have many genuine people who wish to serve others and work for their well-beings. Just like there are very few souls who care for others, who think of others more than they think of themselves, there are very few famous Indian astrologers in Delhi who strive to provide genuine astrological remedies to their clients and transform their lives. Astrologer Ved Prakash Dwivedi is one of them.

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:-जीवित्पुत्रिका व्रत:- जैसा नाम से हीं स्पष्ट है कि यह व्रत पुत्र के जीवन से संबन्धित है,पुत्रवती महिलाएं अपने पुत्र के दीर्घायु के लिए यह व्रत रखती हैं इस दिन...

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